Thu. Sep 29th, 2022

इंडियन शेयर मार्किट मे इस हफ्ते बहुत बुरा साबित  हुआ. त्यौहार के इस समय पे जब सबको निवेश से पैसा कमाने की उम्मीद थी परन्तु पिछले 4-5 दिन की ट्रेडिंग निवेशकों के लिए बुरी साबित हुई. हलांकि देखा जाये तो शेयर बाजार ने पिछले 3-4 महीने मे निवेशकों को भारी लाभ पहुंचाया है. लोगो ने इक्विटी से लेकर  option, कमोडिटी मार्किट से खूब पैसा बनाया. बहुत सी कंपनी के शेयर   अभी तक के अपने  हाईएस्ट लेवल को छुआ. कुछ शेयर ने  होने 52 week की सबसे हाई पोजीशन पे पहुंचे. यदि कोविड के टाइम से तुलना की जाये तो मार्किट ने बहुत ज्यादा रिकवर किया है. कोविड टाइम मे Nifty 7000 के आस पास तक आ गयी थी परन्तु सब सामान्य होने पर शेयर मार्किट ने एक्सपर्ट के अनुमान से भी ज्यादा रिकवर किया. और होने ऑल टाइम हाई लेवल को छुआ और 18000 के लेवल को क्रॉस  किया.

Table of Contents

    शेयर मार्किट में गिरावट का कारण (Reasons for fall in share market in Hindi)

    वैसे देखा जाये तो भारतीय शेयर  बाजार ने पिछले 6 महीने मे जितना उछाल आया है. वो अन्य देशो के शेयर मार्किट के उछाल सेभी ज्यादा है. लेकिन इस हफ्ते हुई गिरावट ने त्यौहार के समय निवेशकों को उदास कर दिया है.29 अक्टूबर को nifty 17671 पॉइंट पे बंद हुई. और बैंक nifty 39115 पॉइंट पे बंद हुई.

    शेयर मार्किट गिरने के कारण

    FII की बिक्री और DII में खरीदारी के कारण(Due to FII selling and DII buying )

    FII (foreign institutional investor ) एक तरीके के इन्वेस्टर ही होते है  जो देश के बाहर से हमारे देश के स्टॉक मार्किट मे निवेश करते है. ये पर्सनल इन्वेस्टर या कोई कंपनी या कोई फर्म होती है जो देश के स्टॉक मार्किट के माध्यम से देश की बाजार व कम्पनीयों मे निवेश करते है. इनके निवेश करने से शेयर बाजार मे और ज्यादा तेज़ी आती है. क्युकी देश के बाहर से देश मे पैसा आता  है.जैसे की Govt of singapore, black rose और vanguard ये सभी भारत मे इन्वेस्ट करने वाले बड़े इन्वेस्टर है.

    परन्तु यदि ध्यान दिया जाये तो पिछले एक हफ्ते से बहुत से निवेशकों ने अपना पैसा स्टॉक मार्किट से निकलना शुरू किया है है. इसका मतलब की FII की selling बहुत ज्यादा बढ़ गयी है. यदि देखा जाये तो इस महीने मे FII इन्वेस्टर ने मार्किट से पैसा निकाला है. हलाकि की उन्होंने इसमें खरीदारी भी की है. परन्तु यदि buying और selling के बैलेंस की तुलना की जाये तो सेलिंग बहुत  ज्यादा हुई है. जिसके कारण  मार्किट में गिरावट देखने को मिली। 

    DII (डोमेस्टिक institutional investor)

    DII कस्टमर वह होते है जो देश मे रहकर ही हमरे स्टॉक मार्किट मे काम करते है. ये कंपनी या फर्म इंडिया मे ही होती है ये यही रहकर निवेश करते है. इनके निवेश से बाजार का संतुलन बना रहता है. DII इन्वेस्टर ने कुछ टाइम से खरीददारी जारी रखी है उनकी सेलिंग से ज़्यदा बाइंग है।परन्तु FII मे इनती ज्यादा सेलिंग हो रही है की DII की बाइंग FII की सेलिंग  तुलना मे काफी कम  है. इस से मार्किट मे अस्थिरता और असंतुलन बना रहता है. और मार्किट गिरना का चांस रहता है.

    Share market fall down

    कमोडिटी market का प्रभाव (Impact of Commodity Market)

    सभी को पता है की इस समय कच्चे तेल के भाव मे भी उतार चढाव बना हुआ है. और Gold का सिल्वर का भाव भी पिछले कुछ दिन मे गिर गया है. इसके कारण भी market मे दबाव बना हुआ है. 29 अक्टूबर को gold 391 rs गिरकर 47592 rs पे बंद हुआ. और सिल्वर 377 rs गिरकर 64554 rs पे बंद हुआ.इसी के आठ कॉपर मेटल 

    नेचुरल गैस के प्राइस मे भी गिरावट देखने को मिली. नेचुरल गैस मे (6%) के आस पास भारी गिरावट देखने को मिली. इस प्रकार मेटल और commodity market मे भी दबाव बना हुआ है.जिससे मार्किट दबाव मे है.

    इन्वेस्टर द्वारा  IPO ज्यादा इन्वेस्टमेंट (High investment by investors in IPO)

    पिछले कुछ महीनों मे शेयर मार्किट मे IPO उतारने की होड़ से मची हुई है.बहुत सी कम्पनियाँ इसी कतार मे लगी हुई है. की कब उनका ipo लॉन्च होगा. क्युकी पिछले एक साल के रिकॉर्ड को देखा जाये तो लोगो ने ipo मे बहुत ज़बरदस्त इन्वेस्टमेंट किया है. और अधिकतर ipo ने अनुमान से ज्यादा वैसा मार्किट से जुटाया और होने पुराने ऋण को भरने और  भविष्य की योजनाए मे इन्वेस्ट किया है. और निवेशकों का पैसा भी दोगुना या तीनगुना तक हो गया है. इसलिए अब नये और पुराने सभी इन्वेस्टर मार्किट मे आईपीओ  पैसा डाल रहे है. इसलिए वह शेयर मार्किट से अपना पैसा निकाल के नये IPO मे डाल  रहे है.

    वर्तमान की बात की जाये तो Naykaa IPO और FINO payment ipo लॉन्च हो चूका है और लोग सभी ipo. मे जमकर पैसा लगा रहे है. इस से foreign  और domestic दोनों investor की सेलिंग भी बढ़ रही है. और मार्किट मे लिक्विडिटी अनबैलेंस हो रही है. इस से मार्किट मे गिरावट है. और शायद अधिकतर निवेशक 8 नवंबर को Paytm IPO जैसे बड़े ipo मे निवेश करने की योजना भी बना रहे है इसी कारण से बाजार से अपना पैसा निकाल रहे है.

    भारत मे निवेश के लिये 5 बेहतरीन सेविंग्स प्लान |

    Chinese मार्किट का दबाव (Chinese market pressure)

    पिचले कुछ समय से इंटरनेशनल मार्किट बहुत ज्यादा दबाव मे ना हो परन्तु china शेयर मर्जीट पे दबाव किसी ना किसी तरह बना हुआ है. इस  से इंटेरनेशनल मार्किट अस्थिर और रिस्की हो जाता है. और शायद अभी china के मार्किट को स्थिर होव मे समय लगेगा. और अधिकतर FII इन्वेस्टर भी अपना पैसा china के मार्किट से खिंच रहे है. जिससे लगता है की यह अस्थिरता अभी बानी रहेगी.

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *