Tue. Sep 27th, 2022

यह बात हम सभी को भली भांति ज्ञात हैं की आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए ना केवल अच्छा पैसा कमाना जरूरी होता हैं बल्कि उन पैसो को सटीक रूप से निवेश भी करना होता हैं। अगर आप भी आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करना चाहते हो तो इसके लिए आपको अपने पैसो को उन जगहों पर निवेश करना होगा जहा आपको बेहतरीन रिटर्न मिले। वर्तमान में जो निवेश विकल्प सबसे बेहतरीन रिटर्न दे रहे हैं उनमे से एक mutual fund भी है।

अगर सटीक रुप से सोच समझकर mutual fund में निवेश किया जाये तो वाकई में काफी बेहतरीन ग्रोथ प्राप्त की जा सकती हैं। लेकिन म्यूच्यल फंड्स को लेकर लोगो के दिमाग में अक्सर कई सवाल चलते हैं जिनमे से एक सवाल यह भी हैं की आखिर ‘म्युचुअल फंड्स पर टैक्स कैसे लगता हैं’? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं तो यह लेख पूरा पढ़े क्युकी इस लेख में हम आपको म्युचुअल फंड्स टैक्सेशन की पूरी जानकारी आसान भाषा में देने वाले हैं।

Table of Contents

    म्युचुअल फंड्स टेक्सेशन क्या होता हैं?

    mutual fund पर टैक्स कैसे लगता हैं और म्युचुअल फंड्स से मिले रिटर्न पर आपको टैक्स कैसे  भरना होगा आदि विषयो पर हम आपको पूरी जानकारी देंगे लेकिन उससे पहले यह जानना जरूरी हैं की म्युचुअल फंड्स टैक्सेशन क्या होता हैं?

    दरअसल कुछ देशो को छोड़कर दुनिया के सभी देश अपने नागरिको से उनकी इनकम पर टैक्स लेते हैं जिसे इनकम टैक्स कहा जाता हैं। देश में विकास कार्यो के लिए पैसा लगता है और यह पैसा टैक्स से ही आता हैं। सर्कार कई तरह से पैसा कमाती है जिनमे से एक इनकम टैक्स भी हैं। इनकम टैक्स का मतलब होता हैं इनकम पर लगने वाला टैक्स।

    जब आप किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करते हो तो उसमे निवेश किये हुए पैसे बढ़ते है यानि  मिलता हैं। जिस तरह से व्यवसाय में पैसे निवेश करने पर हुए प्रॉफिट पर टैक्स लिया जाता हैं उसी तरह से जब आप कहीं निवेश करते हैं तो उसमें आपको रिटर्न मिलता है तो वह रिटर्न भी आपका प्रॉफिट माना जाता है इसलिए सरकार आपसे उस रिटर्न पर भी टैक्स लेती है।

    Mutual fund tax information

    एफडी आदि सभी निवेश विकल्पों पर मिलने वाले रिटर्न पर सरकार के द्वारा टैक्स लिया जाता हैं। म्युचुअल फंड्स के साथ भी कुछ ऐसा ही है। जब आप म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करके रिटर्न प्राप्त करते हो तो आपको उस रिटर्न पर टैक्स भरना होता है और इसी प्रक्रिया को म्युचुअल फंड्स टैक्सेशन कहा जाता हैं।

    म्युशुअल फंड्स टैक्सेशन के बारे में हम इस लेख में विस्तार से बात करेंगे लेकिन उससे पहले आपको म्युचुअल फंड्स से जुड़े हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझना होगा जिससे कि आप म्यूच्यूअल फंड टैक्सेशन को सटीक रूप से समझ सके।

    म्युचुअल फंड्स में रिटर्न कैसे मिलते हैं?

    टेक्सेशन को समझने के लिए सबसे पहले म्युचुअल फंड रिटर्न्स को समझना होगा। म्युचुअल फंड्स में मुख्य रूप से दो तरह से रिटर्न मिलता हैं जिसमे पहला हैं डिविडेंट और दूसरा है केपिटल गेन।

    सबसे पहले डिविडेंट को समझा जाये तो जब निवेश की गयी कम्पनी प्रॉफिट कमेटी है और उसके पास एक्स्ट्रा कॅश बचता है तो वह उस कैश को निवेशकों में बाट सकती है। जब कम्पनी ऐसा करती हैं तो निवेशकों को कम्पनी में गए उनके निवेश या फिर सरल भाषा में कहा जाये तो म्युचुअल फंड्स यूनिट्स के अनुसार डिविडेंट दिया जाता हैं।

    इसके अलावा अगर बात की जाये कैपिटल गेन की तो जब निवेशक म्युचुअल फंड्स में पैसा निवेश करता हैं और उसका पैसा बढ़ता हैं यानि की उसने जिस भी स्किम में निवेश किया हैं वह स्किम उसे बेहतरीन रिटर्न देती हैं तो उसे कैपिटल गेन कहा जाता हैं।

    सरल भाषा में कैपिटल गेन को समझने के लिया कहा जा सकता हैं की म्युचुअल फंड्स में कम पैसो के निवेश से अधिक पैसा बनाना या फिर म्युचुअल फंड्स में खरीदी गयी सिक्योरिटी की कीमत में बढ़ोतरी कैपिटल गेन कहलाता हैं।

    म्युचुअल फंड्स पर मिलने वाले दोनों ही तरह के रिटर्न यानि की डिविडेंट और सिक्योरिटी पर टैक्स भरना होता हैं।

    म्युचुअल फंड्स डिविडेंट पर टैक्स कैसे लगता हैं?

    सबसे पहले अगर म्युचुअल फंड्स डिविडेंट की बात की जाये तो म्युचुअल फंड्स डिविडेंट कम्पनियो के द्वारा निवेशकों को प्रॉफिट होने पर दिया जाने वाला पैसा होता हैं। म्युचुअल फंड्स कर को लेकर कई बार बदलाव हुए हैं और क्र भरते समय निर्धारित नियमो के अनुसार ही कर दिया जाता हैं।

    म्युचुअल फंड्स डिविडेंट पर लगने वाले टैक्स की बात की जाए तो प्राप्त हुआ डिविडेंड निवेशक की आय में गिना जाता है और उसे अपने निर्धारित टैक्स स्लैब के अनुसार उस म्यूचल फंड पर टैक्स देना होता है। यानि की म्यूचल फंड डिविडेंड को आपकी टोटल इनकम में ही माना जाएगा और आपको अपनी इनकम के अनुसार टैक्स भरना होगा।

    म्यूच्यूअल फंड्स कैपिटल गेन टैक्स कैसे लगता है?

    डिविडेंड पर लगने वाले टैक्स के बारे में हमने आपको जानकारी दे दी है और इसे समझने में काफी आसान भी था। लेकिन छोटे निवेशों में डिविडेंट कम ही मिलते हैं तो कैपिटल गेन के द्वारा लोग रिटर्न प्राप्त करते हैं। अब अगर कैपिटल गेन पर लगने वाले टैक्स की बात की जाये तो इसमें निवेश की अवधि और अमाउंट के अनुसार कर देना होता हैं।

    म्युचुअल फंड कैपिटल गेन में लगने वाला टैक्स कई चीजों पर निर्भर करता हैं जैसे की फंड्स का टाइप, फंड्स में निवेश किया हुआ अमाउंट और मुख्य रूप से फंड्स को कितने समय के लिए होल्ड किया जा रहा हैं। अगर आप होल्डिंग का मतलब नहीं जानते तो फंड्स को खरीदने से लेकर बेचने तक की अवधि को होल्डिंग कहते है।

    तो अब आप यह समझ चुके हैं की म्युचुअल फंड्स कैपिटल गेन में टैक्स कैसे लगता हैं। लेकिन यह जानना भी जरूरी हैं की कौन सी म्यूच्यूअल फंड की कैपिटल गेन में कितना टैक्स लगता है तो चलिए इसके बारे में भी जानते हैं।

    इक्विटी फंड के कैपिटल गेन में कितना टैक्स लगता हैं?

    इक्विटी फंड में अगर आप शॉर्ट टर्म के लिए अर्थात 1 साल से कम के लिए निवेश करते हैं तो आपको म्युचुअल फंड्स यूनिट्स में हुई वृद्धि पर अर्थात कमाए गए प्रॉफिट पर 15 प्रतिशत टैक्स देना होता हैं। वही लॉन्ग टर्म में इक्विटी फंड्स में निवेश करने पर एक लाख तक के गेन पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता लेकिन इससे अधिक के गेन पर 10 प्रतिशत LTCG  Tax लगता हैं।

    डेब्ट फंड के कैपिटल गेन में कितना टैक्स लगता हैं?

    अगर डेब्ट फण्ड के कैपिटल गेन पर लगने वाले टैक्स की बात की जाए तो 36 महीने से कम के निवेश पर आपको mutual fund यूनिट्स में हुई वृद्धि पर अर्थात कमाए गए प्रॉफिट पर आपको अपने टैक्स स्लेब के अनुसार ही टैक्स भरना होगा। यानि की यह प्रॉफिट आपकी इनकम में गिने जायेंगे। वही लॉन्ग टर्म अर्थात 36 महीने या इससे अधिक निवेश पर 20 की दर से गेन्स या फिर कहा जाये तो प्रॉफिट पर टैक्स भरना होता हैं।

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    हाइब्रिड फंड्स के कैपिटल गेन में कितना टैक्स लगता हैं?

    अगर आप हाइब्रिड फंड्स के कैपिटल गेन में पैसा निवेश करते हो तो उस पर लगने वाले टैक्स के बारे में भी आपको पता होना चाहिए। हाइब्रिड फंड्स में अगर ज्यादा निवेश इक्विटी में होता हैं तो गेंस अर्थात प्रॉफिट पर इक्विटी फंड के अनुसार टैक्स लगता है तो वहीं अगर फंड डेब्ट ओरिएंटेड होते हैं तो उनमे टैक्स डेब्ट फंड के अकॉर्डिंग लगता हैं।

    निष्कर्ष!

    म्युचुअल फंड्स बेहतरीन रिटर्न प्राप्त करने के लिए वाकई में काफी अच्छे निवेश विकल्प होते हैं लेकिन अधिकतर लोगों को म्यूचल फंड पर लगने वाले टैक्स के बारे में जानकारी नहीं होती। यही कारण है कि हमने यह लेख तैयार किया है जिसमें हमने ‘म्यूच्यूअल फंड पर टैक्स कैसे लगता है’ के विषय पर पूरी जानकारी आसान भाषा में दी हैं।

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