Mon. Oct 3rd, 2022

क्रिप्टो करंसी को लेकर भारत काफी समय से लेकर बहुत सी असमंजस मे चल रही है. 29 नवंबर से लोकसभा मे शीतकालीन सत्र मे क्रिप्टो करंसी पे लगाम लगाने के. लिए सरकार द्वारा Cryptocurrency Bill लाया जाने वाला है. क्रिप्टो करंसी बाजार मे Bitcoin, etherium, dogecoin, shiba inu  ये सब  क्रिप्टोकरेंसी मे मे इन्वेस्टर ने बहुत ज्यादा पैसा लगाया है. भारत मे 10 करोड़ से ज्यादा लोंगो का क्रिप्टो करंसी मे पैसा लगा हुआ है. करीब 1 लाख करोड़ रूपये इस मार्किट मे भारतीयों द्वारा निवेश किये गए है.

इसलिए भारत सरकार को भी इस बिल को लाने से पहले काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. क्युकी इसका भविष्य भी सरकार फाइनेंशल एक्सपर्ट को दिखता है. परन्तु इसमें होने वाले जोखिम से मुँह नहीं फेरा जा सकता.इसलिए सरकार पिछले 1-2 साल से इसपे विचार कर रही है. देश के प्रधानमंत्री,RBI के सभी अधिकारी और फाइनेंस मिनिस्टर की पेनी नज़र इस क्रिप्टो मार्किट पे बनी हुई है.इसलिए सरकार द्वारा सख्त कदम उठाये जा रहे है

Table of Contents

    सरकार क्रिप्टो पे प्रतिबन्ध लगाएगी की नहीं? (Will the government ban cryptocurrency or not?)

    वैसे अभी सरकार ने Cryptocurrency Bill मेँ क्रिप्टो बैन करने पे अपना रुख साफ नहीं किया है . परन्तु एक्सर्ट और सूत्रों की मानी जाये तो.सरकार इसे पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं करेंगी. बल्कि सरकार इसको रेगुलट करेगी. इसके पेमेंट से लेकर इसमें इन्वेस्टमेंट को सरकार सुव्यवस्थित बनाएगी. लेकिन सरकार द्वारा इसे लीगल करेंसी का दर्जा नहीं दिया जायेगा. लीगल करंसी रुपया ही रहेगा. क्युकी RBI को डर है की कंही इससे भारतीय मुद्रा की वैल्यू कम ना हो जाये . और भविष्य मे सभी चीज़ो का लेनदेन सिर्फ क्रिप्टो ही नहीं ना हो. क्युकी बिकॉइन का इंफ्रास्ट्रक्चर तो centralized है. इसलिए इसे बैन करना आसान नहीं है.

    क्रिप्टो बिल मे सरकार क्या लेकर आ सकतींहै(What can the government bring in the Cryptocurrency Bill)

    क्रिप्टो बिल मे सरकार सभी एक्सचेंजो, पेमेंट सिस्टम, आदि सभी पे लगाम लगा सकती है . और बदलाव देखने को. मिल सकते है .

    Cryptocurrency Bill

    KYC करनी अनिवार्य होंगी

    सभी क्रिप्टो एक्सचेंज को क्रिप्टो मे इन्वेस्ट करने वाले इन्वेस्टर कीKYC डिटेल्स रखनी होंगी. जब भी पहली बार कोई क्रिप्टो मे इन्वेस्ट करना चाहेगा ,तो तो पहले उसे अपने KYC की डिटेल्स देने होंगे. जिसमे आधार कार्ड, मैलिड, मोबाइल नंबर आदि  डिटेल्स हो सकती है. ताकि आवश्यकता पड़ने पे सरकार किसी भी  इन्वेस्टर की पहचान आसानी से कर सके. और इससे धोकाधड़ी की घटनाये भी जी होंगी.

     KYT उपलब्ध कराना अनिवार्य

     KYT ( know your transaction )एक्सचेंज को सभी इन्वेस्टरो की लेनदेन की जानकारी भी सरकार ये उसकी संस्था से साझा करनी पड़ सकती है. किसी व्यक्ति द्वारा किता पैसा इन्वेस्ट किया गया. किता मुनाफा कमाया गया. जैसा की शेयर मार्किट मे ट्रेड करते समय देखने को. मिलता hai. इससे किसी बजी व्यक्ति की वित्तीय जानकारी मिल सकेगी. जिससे ब्लैक मनी का लेनदेन भी कम हो पायेगा.इससे मनी  ट्रांसक्शन मे ट्रांसपेरंसी देखने को मिलेगी और ब्लैक मनी और मनी लॉउंड्रीग पे लगाम लगेगी 

    ऐसेट दर्जा प्राप्त होगा लीगल करंसी का नहीं

    क्रिप्टो करेंसी को लेगा ल करंसी घोषित नहीं किया जायेगा. इसे एक ऐसेट का प्रकार माना जायेगा . इस्सलिये इसे ऐसेट क्लास का दर्जा प्राप्त हो सकता है . क्युकी होने रूपये की वैल्यू बनाये रखने के लिए क्रिप्टो को हमेशा ऐसेट का दर्जा ही ऑप्त हो सकेगा.

    SAR और STR रेपोर्ट देनी होंगी Sebi को

     सभी एक्सचेंज को SAR/STR (Suspicious activity report )  STR (Suspicious Transaction report ) ये सभी रिकॉर्ड Sebi को हर हफ्ते सभी एक्सचेंज को जमा कराने होंगे. क्युकी कोई भी गलत गतिविधि को होने से रोका जा सकता है. आज क्रिप्टो बहुत से गलत कामों क्यूं फंडिंग के लिए यूज़ होता है. इसलिए इन दोनों रिपोर्ट को जमा करना आवशयक है सुरक्षा की दृष्टि से.

    SEBI बन सकता है रेगुलेटरी बॉडी

    क्रिप्टो की सभी चीज़ो के लिए SEBI को जिम्मेदारी दी जा सकती है . अभी सभी शेयर मार्किट का पूरा लेखा जोखा रखती है . सभी एक्सचेंगजो को SEBI को रिपोर्ट करना पड़ सकता है.

    RBI को लाएगी स्वयं की डिजिटल करेंसी

    पिछले काफी समय से ये सब जानते है की सरकार RBI के द्वारा स्वयं की क्रिप्टोकरेंसी लाने का विचार कर रही है . क्युकी सरकार को भी लगता है की की क्रिप्टो मे इन्वेस्ट करने के लिए बहुत सो लोग अभी भारत मे है. और इसका मार्किट रोज बढ़ता जा रहा है . और भारत की जनसंख्या को देखते हुए अभी इसमें निवेश की अपार संभावनाएं है . और इससे RBI की भी अच्छी खासी कमाई हो जाएगी. और लोगो की भी.

    CIBIL स्कोर क्या होता है. लोन लेने में इसकी जरुरत और इसे कैसे मेन्टेन करे

     सरकार क्रिप्टो को Tax के दायरे मे ला सकती है

    अपनी आय बढ़ाने के लिए सरकार क्रिप्टो से होने वाली इन्कम पे निवेशक या एक्सचेंज से tax वसूल सकती है या कोई tax लगा सकती है. क्युकी अभी तक ऐसा कोई भी नियम नहीं है जिससे ये tax के दायरे मे आए. लेकिन अब ऐसा होने की सम्भावना है जी साकार इसपे निवेशक से tax वसूल कर सकती है.

    सरकार क्यूं ला रही है क्रिप्टो बिल  {Why is the government bringing Cryptocurrency Bill}

    RBI और सरकार शुरू से है जानती थी की crypto की टेक्नोलॉजी और पेमेंट सिस्टम आदि हमेशा से रिस्की रहे है .इसके माध्यम से ब्लैक मनी और टेरर फंडिंग, मनी लॉन्डरिंग का काम पुरे विश्व मे हो रहा है . जो भविष्य के लिए खतरे की घंटी है.इससे बहुत सी गलत घटनाओ को अंजाम दिया जा सकता है. और सभी निवेशकों की पैसे की सुरक्षा को ध्यान मे रखते हुए भी और इस system मे ट्रांसपेरंसी लाने की बहुत आवश्यकता है. ताकि किसी निवेशक का पैसे डूब ना जाये. इसलिए देश मे इस bill को लाना आवश्यक है. 

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *