Mon. Oct 3rd, 2022

पहली बार 2008 में जापानी सतोशी नाकामोटो द्वारा बिटकॉइन श्वेत पत्र जारी किया था. परन्तु इसको लेकर भी कुछ लोगों मे संशय है । सतोशी का विचार था कि एक डिजिटल मुद्रा की स्थापना होनी चाहिए ।। इसे विकेंद्रीकृत रूप से आयोजित किया जाना चाहिए,अर्थात न तो सरकारें न तो कोई संस्था कोई NGO और न ही बैंक इसे प्रशासित या नियंत्रित  करें। इसलिए इसे मुद्रास्फीति को बाहर करने के लिए, बिटकॉइन की अधिकतम संख्या कुल 21 मिलियन तक सीमित किया गया है. यह मुद्रा को कंप्यूटर शक्ति द्वारा भी  डिजिटल मुद्रा के रूप मे प्राप्त की जा सकती हैं।

क्या किसी ने भी सोचा है कि बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी को माइन कैसे कि जाती, और किसी भी crypto token को एक्सचेंज पर खरीदे बिना किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं I पिछले 1- 2 साल से Crypto Currency Bitcoin, Ethereum मे मूल्यों मे तेज़ी से वृद्धि होने के कारण बहुत लोगों ने crypto मे इन्वेस्टमेंट करना शुरू कर दिया है. बहुत से इन्वेस्टर एक्सचंजो के माध्यम से crypto को  खरीदते है I

Table of Contents

    क्रिप्टो माइनिंग की कार्यप्रणाली {Method of Crypto mining}

    Crypto Mining उच्च शक्ति वाले कम्प्यूटरों के उपयोग से Cryptographic equations को हल करने प्रक्रिया है I इस equation के हल करने मे डाटा ब्लॉक कि जाँच करना और एक प्रकार से सार्वजनिक रिकॉर्ड मे लेन−देन कि जानकारी जोड़ना होता है I  जिसे crypto कि भाषा मे Blockchain कहा जाता है.Crypto मुद्रा एक विकेन्द्रीकरण (decentralized system ) का उपयोग करके लेन−देन के सत्यापन के लिए cryptographic algorithm कि सहायता से mining कार्य किया जाता है I  इसके नियंत्रण के लिए कोई केंद्रीय ख़ाताबाही या कोई केंद्रीय प्राधिकरण नहीं बना है .नये कॉइन प्राप्त करने क़े लिए बहुत ही मुश्किल गणितीय पहेलियों को हल करना पड़ता है I  मुद्रा के लेन−देन को वेरीफाई करने मे सहायता करके उसे सेंट्रल blockchain खाते मे अपटूडेट करते है I  इस काम को करने के कारण क्रिप्टो माइनिंग करने वालो को पैसा ये कमीशन मिलता है इस प्रोसेस को माइनिंग कहा जाता है I 

    माइनिंग  के दौरान उच्च शक्ति वाले कंप्यूटर (अधिमानतः) जटिल गणितीय समीकरणों को हल करते हैं। सभी कोड को क्रैक करने वाला प्रथम कोडर लेन−देन को अधिकृत कर सकता है। इस सेर्विस के परिणाम के रूप में, माइनिंग मे बहुत कम मात्रा मे क्रिप्टो मुद्रा कमाते है।

    Bitcoin Mining Through GPU

    हम माइनिंग  के माध्यम से कैसे कमा सकते हैं {How can we Earn through Mining in Hindi }

    यदि कोई माइनिंग करना चाहता है तो उसके लिए उच्च क्षमता का कंप्यूटर कि आवश्यकता होती है और उसी के साथ कुछ हैवी एल्वक्ट्रॉनिक डिवाइस कि भी आवश्यकता होती है, माइनिंग कि पावर को बढ़ाने के लिए POOL Mining मे शामिल होना पड़ता है . और होने वाले लाभ को पूल क़े सभी सदस्य समान रूप से बांट लेते है. Mining Pool सभी miner को एक साथ काम करने कि अनुमति देता है और माइनिंग पावर को और ज्यादा बढ़ा देता है ,तो उसके लिए आपको एक उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटर की आवश्यकता होती  है। इसके अलावा, बिटकॉइन जैसी लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक वॉलेट बनाएं और लाभप्रदता में तेजी लाने के लिए एक mining pool में शामिल होना आवश्यक है । माइनिंग द्वारा बिटकॉइन, एथरियम और डोगकॉइन सहित कई और प्रकार कि क्रिप्टो मुद्रा कमा सकते है।

    क्रिप्टो करेंसी इंडिया में वैध या अवैध है|

    भारत में क्रिप्टो या बिटकॉइन माइनिंग {Crypto or bitcoin mining in India in Hindi}

    पिछले कुछ वर्षों में भारत में mining के काम वृद्धि हुई है, इंडिया Easyfi नेटवर्क जैसी कंपनियां देश में mining सुविधाएँ और ब्लॉकचेन को बढ़ाने के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करते हैं। भारत में mine करना बहुत महंगा होता जा रहा है और लाभ भी बहुत कम होता जा रहा है क्योंकि  कॉइन कि माइनिंग के लिए बहुत उच्च क्षमता के कम्प्यूटर और डिवाइस कि जरूरत पड़ती है।  और भारत मे बिजली बहुत महंगी होने के कारण माइनिंग का काम बहुत महँगा होता जा रहा है. क्योंकि  इसकी लागत लाभ से अधिक होती जा रही है। 

    और भारत मे सभी प्रकार के उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे बाहरी देशों चीन, ताइवान से आयत करना पड़ता है।  इसलिए माइनिंग कि लागत बहुत बढ़ जाती है, और लाभ कम हो जाता है। कैम्ब्रिज बिटकॉइन कि माइनिंग मे बिजली की खपत के अनुमान के अनुसार, भारत में वार्षिक बिजली की लागत औसतन 5.20- 8.20 रुपये  प्रति किलोवाट- घंटे के बीच है और माइन में प्रति वर्ष लगभग 67.29 टेरावाट- घंटे की खपत जाती है । 

    Bitcoin Mining in India

    माइनिंग रिग क्या होती है  {what is mining rig in Hindi}

    माइनिंग रिग, सीपीयू, जीपीयू और एएसआईसी (एप्लिकेशन- स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट) के लिए तीन बुनियादी श्रेणियां हैं। सही रिग कोनसी है ये इस बात पे निर्भर करता है कि वह किस कॉइन कि माइनिंग के लिए उपयोग कि जाएगी किसी समय बिटकॉइन कि माइनिंग सिर्फ डेस्कटॉप या सिर्फ सी पी यु से कि जा सकती थी. परन्तु अब बहुत कम मुद्राओं को सिर्फ सी पी यु  और डेस्कटॉप के माध्यम से कर सकते है  परन्तु अब बिटकॉइन, एथरियम जैसी करंसी का माइन के लिए कुछ विशेष मशीन व उपकरण कि जरुरत होती है.

    रिग एक प्रकार का  माइनर  हो सकता हे जो पूर्णरूप से माइनिंग के लिए ही बना हो  जहां इसका निर्माण किया गया था और विशेष रूप से माइनिंग करने  के लिए चलाया गया  या यह एक कंप्यूटर हो सकता है जो अन्य आवश्यकताओं को पूरा करता है. माइनिंग का मतलब ब्लॉक चेन से क्रिप्टोक्यूरेंसी टोकन निकालने की प्रोसेस  है.इस तरह के एक प्रतिस्पर्धी क्रिप्टोकुरेंसी क्षेत्र में, केवल कुछ माइनिंग  रिग निर्माता कंपनियों पर भरोसा किया जा सकता है। ये कंपनियां समर्पित माइनिंग रिग का निर्माण कर रही हैं। क्रिप्टो बाजार में प्रसिद्ध नामों में से एक, बिटमैन दो माइनिंग उपकरण प्रदान करता है, जैसे कि S9 श्रृंखला और Antminer ब्रांड .

    GPU का माइनिंग में  उपयोग {Using GPU in Mining in Hindi}

    GPU द्वारा इस समय सबसे अधिक माइनिंग का कार्य किया जाता है. GPU को को समूह के मे जोड़कर उन्हें मदरबोर्ड से कनेक्ट किया जाता है. हालांकि इस समय सही GPU का चुनाव करना आसान नहीं है. क्यूंकि i पहले 1GB   के GPU से माइनिंग का कार्य किया जाता था . परन्तु इस समय बिटकॉइन कि माइनिंग करने के लिए कम से कम 4 GB के ग्राफ़िक कार्ड कि आवश्यकता होती है.




    S.NO
    कंपनी का नाम
             
    Mining Performance
    1.GeForce GTX 1060 6GB25.8
    2.Radeon RX 570 8GB29
    3.GeForce GTX 107036.1
    4. Radeon RX 580 8GB29.2
    5.GeForce GTX 1070 Ti30.8
    6.Radeon RX 5600 XT30.3
    Types of GPU in Market

    रिग केस या फ्रेम माइनिंग का उपयोग {Use of RIG Case or Frame Mining in Hindi}

    अभी माइनिंग के लिए उपयोग  होने वाले GPU किसी CPU मे फिट नहीं होंगे और ना ही उन्हें हर जगह रख सकते है आपको अपने रिग को बनाने के लिए एक या एक से अधिक फ्रेम कि आवश्यकता होती है.वर्तमान मे सभी माइनिंग मे निवेश करना चाहते है इसलिए बहुत से GPU को एक साथ माइनिंग पे लगा के रखते है. जितने GPU हम इस्तेमाल करते है उतने ही स्लॉट आपे फ्रेम मे होने चाहिए. यदि आपको बड़े स्तर पे कार्य करना है तो आपको फ्रेम के साथ साथ उस स्थान पे बहुत जगह कि आवश्यकता होंगी.

     ASIC द्वारा माइनिंग करना {Mining by ASIC in Hindi}

    ASIC(Application specific integrated circuit) का उपयोग विशेष रूप से सिर्फ माइनिंग के लिए ही किया जाता है.यह वास्तव मे एक छोटी मशीन होती है. माइनिंग के लिए यह सबसे शक्तिशाली मशीन होती है यह बहुत बेहतर मात्रा मे Hash rate उत्पन्न करता है. हालांकि कॉस्ट के हिसाब से यह बहुत महंगे अतः.2 लाख रूपये से शुरू होते है और 10- 15 लाख तक के आते है. इन्हे भी चाइना से ज्यादातर इम्पोर्ट किया जाता है.इसलिए इनका कॉस्ट बहुत ज्यादा होता है. पर इनके मॉडल बहुत जल्दी पुराने हो जाते है. इसलिए लोग इसमें इन्वेस्ट करने मे असमंजस मे रहते है.

    कृपया सभी पाठक ध्यान दें 

    मै  सभी पाठको से यह कहना चाहता हूँ  की मेरे डाली गयी पोस्ट या भविष्य में डाली जाने वाली सभी पोस्ट के कंटेंट को लिखने से पूर्व सभीओ जानकारियों को एकत्र करके  उन सभी का बेहतर तरीके से अध्ध्यन करके फिर उसे ब्लॉग पे पोस्ट किया जाता है। यह सभी जानकारिया सभी का ज्ञानवर्धन करने व सभी को उचित जानकारी प्रदान कराने के लिए किया जाता है .. चूँकि सरकार  की पॉलिसियों और आर्थिक गतिविधियों मे , बैंक ,म्यूच्यूअल फंड्स,शेयर मार्किट आदि सभी मे  में बहुत से बदलाव आये दिन होते रहते है।

    इसलिए आप स्वयं भी किसी  भी प्रकार के निवेश करने से पूर्व अपने स्तर  पे भी उसकी जाँच  करे व अपने स्वविवेक का उपयोग करने के पश्चात् ही कोई निर्णंय लें।  अतः  भविष्य  होने वाली किसी भी प्रकार  की हानि या किसी भी आर्थिक नुक्सान के  उत्तरदायी WWW.Bazaaraajtak.com या इस ब्लॉग वेबसाइट के ओनर या उसके कोई एम्प्लोयी नहीं होंगे. इसलिए सभी प्रकार जोखिम  के निर्णय स्वयं के स्वविवेक से ले. मेरी और से आप सभी को शुभकामनाये।

    FAQ

    A. Bitcoin माइनिंग किस प्रकार की जाती है

    कॉइन प्राप्त करने क़े लिए बहुत ही मुश्किल गणितीय पहेलियों को हल करना पड़ता है I  मुद्रा के लेन−देन को वेरीफाई करने मे सहायता करके उसे सेंट्रल blockchain खाते मे अपटूडेट करते है I  इस काम को करने के कारण क्रिप्टो माइनिंग करने वालो को पैसा ये कमीशन मिलता है इस प्रोसेस को माइनिंग कहा जाता है

    B.माइनिंग रिग क्या होती है  {what is mining rig in Hindi}

    रिग एक प्रकार का  माइनर  हो सकता हे जो पूर्णरूप से माइनिंग के लिए ही बना हो  जहां इसका निर्माण किया गया था . माइनिंग रिग, सीपीयू, जीपीयू और एएसआईसी (एप्लिकेशन- स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट) के लिए तीन बुनियादी श्रेणियां हैं I

    C.ASIC क्या होता है इसका उपयोग कैसे होता है ?

    ASIC(Application specific integrated circuit) का उपयोग विशेष रूप से सिर्फ माइनिंग के लिए ही किया जाता है.यह वास्तव मे एक छोटी मशीन होती है. माइनिंग के लिए यह सबसे शक्तिशाली मशीन होती है यह बहुत बेहतर मात्रा मे Hash rate उत्पन्न करता है. हालांकि कॉस्ट के हिसाब से यह बहुत महंगे अतः.2 लाख रूपये से शुरू होते है

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