Thu. Sep 29th, 2022

Cibil(Credit information bureau india limited ) RBI द्वारा द्वारा चयनित चार क्रेडिट इनफार्मेशन कम्पनियो में सबसे जानी मानी कंपनी है. Rbi द्वारा लाइसेंस प्राप्त 3 कम्पनिया जो क्रेडिट इनफार्मेशन का कार्य करती है.

  1. Experian
  2. Equifax
  3. Highmark 

ये तीनो कम्पनिया क्रेडिट इनफार्मेशन का काम करती है. वैसे हमारे देश में फाइनेंसियल और बैंकिंग कार्यों में CIBIL स्कोर का बहुत महत्त्व है.

 CIBIL कंपनी करोड़ो लोगो और लाखो व्यवसाईयो का क्रेडिट स्कोर maintain करते है. CIBIL india वास्तव में अमेरिका के मल्टीनेशनल ग्रुप ट्रांसयूनियन का का एक भाग है. इसलिए भारत में क्रेडिट स्कोर को ट्रांसयूनियन स्कोर के नाम से जाना जाता है.

Table of Contents

    CIBIL स्कोर होता क्या है (What is CIBIL Score in hindi)

    CIBIL स्कोर वास्तव में 3 अंक का एक संख्यात्मक सारांश है. जो आपके “अकाउंट ” की इन्क्वायरी और सभी विभागों जैसे लोन डिपार्टमेंट में आपके सभी लोन अकाउंट सभी प्रकार के (होम लोन, पर्सनल लोन, व्हीकल लोन, मॉडगेज लोन ) इत्यादि, और बैंक के क्रेडिट कार्ड के सभी भुगतान और सभी प्रकार की बकाया राशि जो पिछले दिनों में दी गयी है. सभी विभागों में आपके उधारऔर रिपेमेंट की हिस्ट्री के आधार पर जो स्कोर कैलकुलेट किया जाता है उसे CIBIL स्कोर कहते है.

    Importance of Credit Score

    Cibil के अनुसार क्रेडिट  स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और कम से कम 750 अंक क्रेडिट स्कोर वालो को किसी भी प्रकार का लोन आसानी से मिल जाता है.एक क्रेडिट रिपोर्ट बैंको, क्रेडिट कार्ड कम्पनियो, संग्रह एजेंसी और सरकार एवं सभी प्रकार के बैंकिंग व नॉनबैंकिंग संस्थाओ का पूरा लेखा जोखा का रिकॉर्ड होता है.

    CIBIL स्कोर क्यू इतना महत्वपूर्ण होता है{Why CIBIL score is important in Hindi}

    वास्तव में CIBIL स्कोर किए भी प्रकार के लोन (Business laon , personal laon,home loan )प्रोसेस में बहुत महत्वपूर्ण प्रक्रिया निभाता है. कोई भी व्यक्ति अपने काम के लिए जब किसी भी प्रकार की वित्तीय संस्था जो सरकारी या प्राइवेट हो चाहे बैंकिंग या नॉनबैंकिंग संस्था हो वह किसlaon आवेदक का CIBIL स्कोर check करते है. यदि किस व्यक्ति का CIBIL स्कोर बहुत कम है तो यदि उसका स्कोर 300-600 तक होता है तो उसके लोन आवेदन पर विचार नहीं kiya जाता. उसका लोन रिजेक्ट कर दिया जाता है.

    परन्तु कुछ आवेदको का CIBIL score 700-900 तक होता है. ऐसे आवेदको के लोन आवेदन को पहले प्राथमिकता दी जाती है. परन्तु उनका लोन अप्रूव करने से पूर्व अन्य बहुत सी बातों पर विचार करना पड़ता है

    CIBIL score की कैलकुलेशन कैसे की जाती है.How to calculate CIBIL score.

     CIBIl स्कोर को वैसे बहुत से प्रभावित करने वाले कारक होते है. परन्तु मुख्य रूप से ये तीन कारक मुख्य रूप से CIBIL पे प्रभाव डालते है.

    1. भुगतान :- बैंक लोन, पर्सनल लोन, होम लोन, शिक्षा के लिए लोन इत्यादि सभी तरह के लोन में भुगतान की तारीख फिक्स होती है.ऑटो डेबिट जैसी सुविधाओं में यदि हम भुगतान ना कर पाए तो CIBIl स्कोर खराब होबे की पूरी सम्भावना होती है
    2. Credit मिक्स :- सिक्योर व अनस्वक्योर लोन के बीच आपस में संतुलन बना रहना चाहिए. इस इसे स्कोर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
    3. ClBIL की पूछताछ :- कोई भी ऋण लेने के लिए CIBIl स्कोर चेक किया जाता है.परन्तु बार बार स्कोर चेक करने से उसके स्कोर पे नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

    कौनसे कारको से CIBIL मे कोई प्रभाव नहीं पड़ता

    निवेश योजना और आपकी बचत :- CIBIL पर कभी भी आपकी भविष्य की योजनाओं आपके अकाउंट में पड़े हुए पैसे.share मार्केट में आपके लाभ या हानि आपकी किसी bhi प्रकार की सेविंग से कोई प्रभाव नहीं पड़ता. आपके पास कितनी FD या अकाउंट हैं इस से कोई फर्क नहीं पड़ता.

     चेक बाउंस (Checque bounce ):- व्यापारी वर्ग के लोग ज्यादा चैक भुगतान का कार्य करते है. अक्सर कई बात कस्टमर या सप्लायर के checque bounce हो जाते है. इसके कारण सबको यह लगता है की उनका CIBIL स्किर खराब हो जायेगा. लेकि वास्तव में ऐसा कुछ bhi नहीं होता. हालांकि checque बाउंस या लेट होने के इनफार्मेशन CIBIL में दी जाती हैं परन्तु वास्तव में checque बाउंस का कोई bhi प्रभाव CIBIL पे जहि पड़ता है.

    ऑपरेटिव सेविंग अकाउंट :- यदि आपके पास सेविंग अकाउंट है तो उसमे सामान्यता हमें मिनिमम बैलेंस रखना पड़ता है. परन्तु कई बार हमारे पास 3-4 खाते तक होते है. और हम मिनिमम बैलेंस maintain नहीं कर पाते. परन्तु इसका कोई bhi. प्रभाव हमारे CIBIL स्कोर पे नन्ही पड़ता है.

    डेबिट कार्ड और सेविंग अकॉउंट ट्रांसक्शन :-

    आप बहुत जगह आजकल शॉपिंनः या ऑनलाइन शॉपिंग UPI द्वारा या. बहुत जगह पेमेंट के लिए डेबिट कार्ड का use करते हो परन्तु इन सबके ज्यादा या कम उपयोग से आपके CIBIL स्कोर में कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. आप चाहे जीतन भी खर्च kro. कोई सकारात्मक या नकरात्मक प्रभाव नहीं पड़ता.

    लोन ट्रांसेक्शन के नियम बदले RBI ने जाने!

    किन कारको का प्रभाव पड़ता है(what factors affect on CIBIL in Hindi)

    डेबिट कार्ड और सेविंग अकॉउंट ट्रांसक्शन :-

    आप बहुत जगह आजकल शॉपिंनः या ऑनलाइन शॉपिंग UPI द्वारा या. बहुत जगह पेमेंट के लिए डेबिट कार्ड का use करते हो परन्तु इन सबके ज्यादा या कम उपयोग से आपके CIBIL स्कोर में कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. आप चाहे जीतन भी खर्च kro. कोई सकारात्मक या नकरात्मक प्रभाव नहीं पड़ता.

    Checque बाउंस EMI का :-परन्तु checque बाउंस के माध्यम यदि आप किसी को पेमेंट कर रहे हो तो चलबिल पे कोई प्रभाव नहीं पड़ता. परन्तु यदि वह पेमेंट किसी bhi प्रकार के लोन, EMI, इन्सटॉलमेंट होती है तो तब वह आपके CIBIL पे नकारात्मक प्रभाहव दाल सकती है

    Credit कार्ड यूज़ और पेमेंट :- डेबिट cars या सेविंग अकाउंट से भले ही ना फर्क ओढ़ता हो. परन्तु आपके credit कार्ड के ट्रांसक्शन उनके समय पे भुगतान, credit कार्ड की EMI,क्रेडिट कार्ड की लिमिट व संख्या ये सभी चीज़े आपके CIBIl स्कोर पर  प्रभाव डालती है. अतः हमें इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए की किसी भी कारण से हमारा CIBIL खराब ना हो.

    2 thoughts on “CIBIL स्कोर क्या होता है. लोन लेने में इसकी जरुरत और इसे कैसे मेन्टेन करे|What is CIBIL Score? What is the need for taking a loan and how to maintain it in Hindi”

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *