Fri. Sep 30th, 2022

cryptocurrency bill का इंतज़ार सभी निवेशकों को है. सरकार द्वारा शीतकालीन सत्र क्रिप्टो बिल  पेश किए जाना. पिछले कुछ समय से क्रिप्टो मार्किट मे गिरावट का दौर जारी है.जिस दिन सरकार द्वारा क्रिप्टो बिल लाने की घोषणा की गयी थी. तभी से क्रिप्टो मार्किट मे गिरावट का दौर जारी है. सरकार का सहित कालीन सत्र चल  रहा है। और सरकार द्वारा डिजिटल मुद्रा विधेयक लाया जा  सकता है. सरकार द्वारा प्राइवेट क्रिप्टो करंसी को प्रतिबंधित करने एवं क्रिप्टो मार्किट को रेगुलेट करने की का नियम लाया जा सकता है. RBI द्वारा डिजिटल करंसी के लिए एक ढाँचा तैयार करने का प्रयास किये जायेंगे. भारतीय उद्योग परिसंघ ने भी क्रिप्टो टोकन को असेट  प्रतिभूति मानने पे जोर दिया है. इसको सरकार द्वारा भी करंसी का दर्जा नहीं दिया जायेगा.

Table of Contents

    cryptocurrency bill मे क्या नियम लेकर आ सकती है सरकार

    क्रिप्टो को GST के दायरे मे लाना

    लोगो द्वारा cryptocurrency bill के लिए नये नये कयास लगाए जा रहे है.जैसा की हमने पहले बताया की CII ( भारतीय उद्योग परिसंघ ने क्रिप्टो को एक खास प्रतिभूति मानाने एवं उसके लिए कुछ खास नये नियम बनाने का सुझाव दिया है. और इसे GST के दायरे मे लाने की मांग की है. और अधिकतर मार्किट एक्सपर्ट ने इसे इसे करंसी की बजाय असेट बनाने की बात रखी है. ताकि इससे govt का भी इनकम सोर्स बढेगा.

    cryptocurrency bill की लेनदेन पे होंगी जेल

    सरकार द्वारा प्राइवेट क्रिप्टो करंसी पे लगाम लगा सकती है. प्राइवेट क्रिप्टो और इसके लेनदेन को लेकर  सरकार का रुख काफी सख्त नज़र आ रहा है. डिजिटल कर्रेंवंसी को लेकर सरकार द्वारा जो बिल तैयार किए जा गया है. उसके ऊपर समाचार एजेन्सी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट के अनुसार इस बिल का सारांश सामने आया है . जिसमे यदि क्रिप्टो संबधित कानून का जो उल्लंघन करने पर 1.5 साल  तक की जेल हो सकती है. और गैर जमानती धराओ के बिना वारंट भी जारी किया जा सकता है.

    क्या होगा 20 करोड़ तक का जुर्माना

    इस बिल का उलल्लंघन करने और क्रिप्टो के अंधाधुंध विज्ञापन पर एक्सचेंज या व्यक्ति पे 20 करोड़ रूपये तक का जुर्माना और जेल भी हो सकती  है.क्युकी कई बार ये विज्ञापन गलत जानकारी और व्यक्ति को निवेश के लिए उकसाने का भी काम करती है. जिसवे की भारी नुकसानकी सम्भावना रहती है. ऐसी स्थिति से बचने के. लिए govt मे इस पे बजी लगाम लगाने की तैयारी कर सकती है.

    cryptocurrency bill update

    निवेशकों द्वारा क्रिप्टो संपत्ति की घोषणा

    सरकार द्वारा”क्रिप्टोकरेंसी  की बजाय क्रिप्टोएसेट” शब्द  का इस्तेमाल किए जा सकता है. क्युकी इसे करंसी का दर्जा नहीं दिया जायेगा ये सरकार द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है. एवं. इसी के साथ निवेशकों द्वारा govt को अपनी संपत्ति की घोषणा करने का समय देगी. ताकि  निवेशक उस संम्पति को सेटल कर सके और भविष्य मे उसका उपयोग कर सके. govt द्वारा सभी नियमों का पालन करने का समय भी इन्वेस्टर को दिया जायेगा. जिससे की उससे नुकसान ना हो. क्युकी सरकार क्रिप्टो पे पूर्ण प्रतिबन्ध की बजाय इसे रेगुलेट करने व इसे रेगुलेट करने वाली बॉडी की अंतर्गत लाने जा रही है 

    देश से बाहर के एक्सचेन्जो पे रोक

    क्रिप्टो मे इन्वेस्ट करने के लिए हमें एक exchange की आवश्यकता होती है. इसी के माध्यम से खरीद फरोख्त का काम होता है. भारत मे और भारत से बाहर बहुत से exchange है जो बहुत सर डिजिटल करंसी मे ट्रेड करने की सुविधा देते है. इसके बदले. वह कुछ अमाउंट brokerage के तौर मे इन्वेस्टर से ली जाती है. परन्तु सरकार द्वारा इस बिल मे भारत से बाहर के Exchange को यहां काम करने की अनुमति नहीं मिलेगी. जैसे wazirx, Coindcx, Zebpay आदि ये सब इंडियन एक्सचेंज है. इनको इस बिलनके सभी नियमों का पालन करना भी आवशयक होगा. और Binanace जैसी कम्पनीयों को यहां काम करना मुश्किल हो सकता है .

    Sebi करेगा क्रिप्टो market की निगरानी

    इस बिल  का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है की क्रिप्टो का उपयोग को बढ़ावा देना ही है ओर नियम और कानून का पालन करते हुए. इस लिए इसे रेगुलेट करने के लिए  SEBI (security exchange board of india ) को इसकी निगरानी का जिम्म दे सकती  है . वैसे SEBI अभी शेयर मार्किट का पूरा काम देखती है . उसकी सभी लेनदेन की जानकारी SEBI के पास होती है. जिससे धोकाधड़ी होने सम्भावना कम हो जाती है.

    RBI की डिजिटल करंसी

     ये हम सब जानते है  की 2019मे सरकार द्वारा क्रिप्टो को लेकर बहुत नकारात्मक थी. कोर्ट मे भी  यह मामला गया था. और कोर्ट द्वारा फैसले के अनुसार यदि निवेशक के साथ कोई धोकाधड़ी या फ़्रॉड होता है तो उसके लिए सरकार या सरकार की कोई संस्था जिमेदार नहीं होंगे  आप उसकी शिकायत नहीं कर सकेंगे. परंतु 2020 तक आते आते साकार ने इस पे अपना नज़रिया बदला. क्युकी RBI द्वारा स्वयं की क्रिप्टो करंसी लाये जाने की बात उठी. और हो सकता है की 2022 मे RBI द्वारा डिजिटल करंसी लायी जाये. क्युकी सरकार भी इसकी लोकप्रियता को नज़रन्दाज़ नहीं कर सकी. और RBI ने इसमें इनकम का एक मौका देखा. फिर इसको सुव्यावस्थित तरीके से लॉन्च करने का का प्लान कर रही है.

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    संवेदनशील फंडिंग और ट्रांसक्शन

    सभी जानते है की क्रिप्टो द्वारा टेरर फंडिंग और ब्लैक मार्किट के काम भी किये जाते है. क्यूंकि इसकी कोई रेगुलेटरी बॉडी नहीं है. इसलिए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इसमें लेनदेन किए जाता है. जिससे आतंकवादी घटनाये होती है. इसलिए सरकार ने सभी exchange से होने वाली सभी ट्रांसक्शन और संवेदनशील फंडिंग की शंका होने पर जानकरी SEBI को देना अनिवार्य होगी . जिससे की ऐसी ताकतों को बढ़ावा ना मिले.

    अतः यदि देखा जाये तो सरकार ने इसमें बहुत से परिवर्तन करने का सोच रही है. जिससे की भविष्य मे निवेशकों को निवे करने मे स्पष्टता और पारदर्शिता बनी रहे.

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