Wed. Sep 28th, 2022

देश में बहुत कंपनियां कार्य कर रही हैं परन्तु सभी कंपनियां स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं होती हैं. उन कंपनियों को  मार्केट में लिस्ट होने के लिए आईपीओ की घोषणा करनी होती है. कम्पनी मार्केट में उतरने के लिए गवर्नमेंट और सेबी (security exchange board of India )के नियमावली का पालन करना होता है. IPO को हम ( Initial Public offering ) कहते हैं. इसका तात्पर्य है कि कंपनी आईपीओ की घोषणा करती है तो वह जनता को अपनी Security या Share बेचती है और उससे अपना धन जुटाती है. इस प्रकार स्टॉक मार्केट में company listed हो जाती है. आईपीओ में लिस्टेड होने से पहले कंपनी को ,अपनी पूर्ण रूप से फाइनैंशल कंडीशन अपने प्रॉफिट लॉस, अपनी फाइनैंशल हिस्ट्री दिखाना होता है. ऐसे ही लोग कंपनी के पूर्व आर्थिक स्थिति और फ्यूचर प्लान्स को देखते हुए पैसा लगाते हैं. इन सब के बाद में कंपनी सार्वजनिक रूप से स्टॉक मार्केट में कारोबार करने के लिए स्वतंत्र होती हैऔर लिस्ट हो जाती है .

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    आईपीओ में बुक बंडलिंग प्राइस  क्या होता है (what is book building price in IPO in ​hindi)

     बुक बंडलिंग प्राइस प्रकार का एक मेकैनिज्म है इसमें इन्वेस्टर द्वारा  भिन्न कीमतों पर bid जाती है. जब किसी आईपीओ का प्राइस फिक्स होता , तो उसे फिक्स प्राइस इशू हो जाता है. परन्तु वंही जब इसे एक प्राइस बंद में रख दिया जाता है जैसे की 500 – 550 रूपये।  तो इन्वेस्टर्स इसी बंद के हिसाब से अपना बिड  लगाते है। IPO issuer को Ipo खुलने 2दिन पहले price band या floor प्राइस बताना होता है.

    आईपीओ लिस्टियंग या ओपनिंग प्राइस  IPO Listing or Opening Price in hindi

    शेयर इशू प्राइस में जनता द्वारा बिड  लगाने के बाद एक निश्चित समय के बाद BID ओपन की जाती है।  और कंपनी का प्राइस लिस्ट किया जाता है. इसे कंपनी का ओपनिंग प्राइस भी बोलते हैं. यह प्राइस कंपनी का वह  प्राइस होता है जिस पर कंपनी  मार्केट में लिस्ट होती है. यह कंपनी की listing Price कहलाती है. Share listing price कंपनी के ipo इशू प्राइस या book bundling प्राइस बैंड से कम या ज्यादा हो सकते हैं.  यह उस चीज पर निर्भर करता है की ट्रेडर,रिटेलइन्वेस्टर द्वारा  कंपनी के आईपीओ को कितना ज्यादा Subscribe या buy किया गया है. जितने  ज्यादा लोग कंपनी के आईपीओ पर BiD लगाते हैं तो लिस्टिंग या ओपनिंग प्राइस उतना  ज्यादा होता है।  और  इन्वेस्टर्स को मुनाफा होता है  . यदि listing price issue price से ज्यादा होता है तो बीच के अंतर का मुनाफा  ट्रेडर्स ,रिटेल इन्वेस्टरको मिलता है न. यदि कम होता है हानि भी उन्हीं इन्वेस्टरों  को उठानी पड़ती है. 

    IPO Investment

    आईपीओ  में GMP (ग्रे मार्किट प्राइस ) क्या  होता हैं What is GMP (Grey Market Price) in IPO

    IPO GMP (Grey Market Premium ) उपयोग स्टॉक Market मे इन्वेस्टर एक अनुमानित प्राइस का आकलन करने क़े लिए करने है वैसे ये एक unofficial verification resource )अनौपचारिक सत्यापन संसाधन होता है . एक प्रकार की कैलकुलेशन  होती है।  यह इस  बात  निर्भर करती है कि लोगों ने  कंपनी के आईपीओ में कितना निवेश किया है हैयदि कंपनी ₹200 के आईपीओ के साथ आती है और ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग ₹40  है तो हम मान सकते हैं कि आईपीओ अपनी लिस्टिंग के दिन लगभग ₹240 की सूची बना सकता है।

     . लेकिन GMP पूर्ण रूप से market की सही स्थिति या विश्वासनीयता को नहीं दर्शाती इसका अपना एक कैलकुलेशन पैटर्न होता है.ज्यादातर मामलों में, आईपीओ ग्रे मार्किट प्रीमियम  काम करता है लेकिन कुछ मामलों में नहीं। हम अन्यथा किसी भी कंपनी में निवेश करने के लिए हमें कंपनी के मूल सिद्धांतों और उसके आर्थिक पहलू को ध्यान  में रखना जरूरी है सिर्फ GMP के आधार पर आपको कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। किसी भी कंपनी के पुराने फंडामेंटल और इस फाइनैंशल कंडीशन  नहीं बदल सकते। इसलिए GMP एक प्रकार का संकेतक का कार्य करता है. कहां में निवेश करने से पहले सभी पहलुओं का ध्यान रखना चाहिए.

    2021 OCT -NOV में कोनसे आईपीओ में आप इन्वेस्ट कर सकते है जाने !

    आईपीओ लेने के स्त्रोत या संसाधन Sources for taking IPO in hindi

    आईपीओ खरीदने करने के बहुत से स्त्रोत है. हम भी Trading account के द्वारा आईपीओ को खरीद सकते हैं या उसमें bid लगा सकते हैं. डीमेट अकाउंट को हम ट्रेडिंग अकाउंट भी कहते हैं. इस अकाउंट के माध्यम से ट्रेडर्स शेयर की ट्रेडिंग भी करते हैं. जब कोई आई पी ओ मार्केट में आता है. तो वह ट्रेडिंग अकाउंट के आईपीओ सेक्शन दिखता है. जहां उसका Price band, Ipo opening date, Lot Quantity, lot साइज ( एक LOT मे जितने शेयर हो ),

    अधिकतम LOT संख्या  जिन्हे एक ट्रेडिंग Account या demat  acct से खरीद सकते  है. वर्तमान स्थिति में ट्रेडिंग अकाउंट से 13 अधिकतम लौट खरीदे जा सकते हैं. जिस व्यकिती के नाम पैर demat act होता है वह अपनी ईद से सिर्फ एक बार बोली लगा सकता है या अधिकतम १३ lot  के लिए बोली लगा सकता है . क्यूंकि  ट्रेडिंग या DEMAT अकाउंट से उसका पैन नंबर अटैच होता है. और एक पैन नंबर से सिर्फ निवेशक  13lot पर ही बोली लगा सकते है. यदि उसे और बोली लगानी हो तो. किसी और के ट्रेडिंग account से बोली लगा सकता है. यह नियम सेबी द्वारा बनाया गया है किसी एक व्यक्ति के पास ज्यादा शेयर ना हो. इससे मार्किट मे असंतुलन आता है. और सभी इन्वेस्टर्स को शेयर प्राप्त होते है.

    FACE VALUE1 RS PER EQUITY SHAREINITIATION OF REFUNDS17OCT 2021
    IPO PRICE (book Bundling) 100-115CREDIT DEMATE ACCOUNT OF SHARE IN 17OCT 2021
    Market Lot13IPO LISTING DATE 17OCT 2021
    MIN ORDER QUANTITY(Share)10
    MIN ORDER QUANTITY(Share) 130
    IPO Details

     इस प्रकार किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले किसी इन्वेस्टरी को सभी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है उस कंपनी की मार्केट कंडीशन आर्थिक पहलू, इन्वेस्टमेंट वारा उस आईपीओ में रुचि, आईपीओ की खरीद-फरोख्त, कंपनी के फ्यूचर प्लांस, कंपनी के प्रॉफिट और लॉस, मार्केट कैलकुलेशंस के सभी पहलू आईपीओ की लिस्टिंग में महत्वपूर्ण है. यदि इन सभी चीजों का ध्यान रखा जाए तो निश्चित रूप से एक investor IPO से मुनाफा कमा सकता हैं