Sun. Oct 2nd, 2022

आज के समय लोगो के पास बहुत सा कैश, ज्वेलरी, और प्रॉपर्टी के पेपर आदि  होते है. परन्तु इनको संभाल के रखने की समस्या बहुत लोगो के बहुत बड़ी होती है. इसकी सुरक्षा को लेकर भी असमंजस और डर की स्थिति बानी रहती है. इसी कारण से बहुत से लोग बैंक द्वारा लॉकर सुविधा का उपयोग करते है. पहले यह सुविधा कुछ ही बैंक ददेती थी. परन्तु आज सभी बैंक इस सुविधा को होने ग्राहकों को देते है. नेशनल बैंक और प्राइवेट बैंक दोनों मे यह सुविधा उपलब्ध होती है. हलाकि सभी ब्रांचो मे यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती.सभी बैंक यह सुविधा अपनी शर्तो पे देते है.सभी नेशनल बैंक के भी  नियम, रेंट और पेनल्टी चार्ज अलग अलग हो सकते है.

Table of Contents

    क्या है RBI के नये लॉकर के नियम (What is RBI’s new locker rules)

    Rbi द्वारा बैंको को ग्राहकों के लिए कुछ नये दिशा निर्देश जारी किये है. और ये सभी नियम अगले साल 1जनवरी 2022 से लागु होंगे. इन नियमों को. लागु करने से पहले RBI द्वारा ग्राहकों की बहुत सी शिकायतों पर अच्छे से रिसर्च की उन्हें समझा.और ग्राहकों और बैंको से इस सुविधा से जुड़े फीडबैक भी लिए.उ सभी बिन्दुओ पपर गौर किया जिससे ग्राहकों को फर्क पड़ता है.जिससे की बैंक और ग्राहक के बीच कोई टकराव की स्थिति ना बने. इसके लिए कुछ दिशा निर्देश दिए :-

    लॉकर के रेंट का 100 गुना मुआवज़ा ग्राहक को (100 times compensation of locker rent to the customer)

    इस दिशा निदेशानुसार यदि बैंक की किसी भी प्रकार लापरवाही या गैर ज़िम्मेदार व्यवहार के कारण ग्राहक के लॉकर मे रखी गयी सामग्री को किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो ग्राहक को बैंक द्वारा उसके वार्षिक रेंट का 100 गुना पैसा मुआवजे के तौर पे दिया जायेगा. यदि आपके लॉकर का वार्षिक किराया 5000 rs है तो आपको 500000 rs तक का मुआवजा बैंक द्वारा दिया जायेगा.

    RBI Locker new rules

    एस एम एस और ईमेल अलर्ट सुविधा (SMS and email alert facility)

    RBI ने sms और ईमेल की सुविधा भी ग्राहकों को दी है. क्युकी कई स्थितियों मे यह देखा गया है है. परिवार के कोई व्यक्ति आपका लॉकर एक्सेस कर लेता हो और आपकी सामग्री से छेड़छाड़ कर लेता था. और जिसकी जानकारी ग्राहक को नहीं लग पाती थी. परन्तु यदि अब ककपका लॉकर जब भी एक्सेस होता है तब आपको sms और ईमेल के द्वारा सुचना की जानकारी मिलेगी. जिससे किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी की समस्या नहीं होंगी.

    CCTV फुटेज की रिकॉर्डिंग स्टोर (CCTV footage recording store)

    हालांकि लॉकर रूम मे cctv फुटेज नहीं होता पर बैंक के कॉमन एरिया, प्रवेश द्वारा, लॉकर रूम प्रवेश द्वारा आदि सभी जगह cctv लगा होता है और होना आवश्यक है. ताकि सभी आने जाने वालो की रिकॉर्डिंग हो सके. और किसने लॉकर रूम मे प्रवेश किया.किसने कौनसा लॉकर एक्सेस किया.इंसान अभी जानकारी और विडिओ अब बैंक को लॉकर एक्सेस्स के अंतिम 180 दिन तक की रखनी होंगी. अंतिम 180 दिन के विडिओ को स्टोर करके रखना पड़ेगा.180 दिन से ज्यादा होने पे उसे डिलीट किया जा सकता है.

    लॉकर सिक्योरिटी अमाउंट(locker security amount)

    बैंक अक्सर आपसे बैंक लॉकर खुलवाने का भी कुछ चार्ज लेता है. अभी नये निर्देशों के अनुसार बैंको को ग्राहकों से लॉकर सुविधा छोड़ने पर 3साल का तक का किराया. और सिक्योरिटी अमाउंट या सावधि जमा के रूप मे रखसकता है. इसलिए अधिकतर बैंक ग्राहक से FD बनाने के लिए कह सकते है. परन्तु ये अमाउंट बहुत छोटी होनी चाहिए. ना की बहुत ज्यादा कोई चार्ज हो. क्युकी बहुत से ग्राहक लॉकर की सुविधा लेकर उसका किराया देना बंद कर देते है. ऐसे मे वह FD या डिपाजिट अमाउंट किराये के रूप मे बैंक यूज़ कर सकता है. इस से बैंक भी निश्चिंत रहता है.

    उदाहरण के तौर पे यदि हमारे लॉकर का किराया 3000 rs है तो बैंक आपसे 9000 का डिपोसिट या FD कराएगा. और उसके ऊपर कुछ छोटे मोटे चार्ज लेगा. परन्तु आपका डिपाजिट अमाउंट आपके रेंट से 4गुना से ज्यादा नहीं होगा. इससे ज्यादा कोई बैंक आपसे चार्ज नहीं वसूल सकता.यदि कोई आपसे इससे ज्यादा शुल्क लेता है .कोई इन्शुरन्स या अन्य कोई FD आदि करवाने की कहता है या आप पर प्रेशर डालता है तो. आप उस बैंक पर कार्यवाही कर सकते हो. RBI मे को इसकी सुचना या शिकायत कर सकते हो.

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    वेटिंग लिस्ट नंबर और खाली लॉकर लिस्ट(waiting list number and empty locker list)

    बहुत से बैंक मे लॉकर की बहुत डिमांड होती है. ऐसी स्थिति मे बहुत से ग्राहकों को लॉकर खाली नहीं मिल पाते. उनका नबर कब आएगा. कब कोई लॉकर खाली होगा. उनसे पहले कितने लोग लॉकर सुविधा के लिए एप्लाई कर चुके है. इंसान अभी समस्याओ से निपटने के लिए बैंक द्वारा अब ग्राहक प्रत्येक लॉकर आवेदन की जानकारी और वेटिंग लिस्ट देनी होंगी जिससे पता चलेगा की लॉकर के लिए एप्लाई करने वालो की क्या स्थिति है. इस के कारण इस सुविधा मे पारदर्शिता आएगी. और सभी समान रूप से नियमानुसार इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.

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