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भारतीयों के लिए सोने का महत्व बहुत है. सोने को लेकर उनकी श्रद्धा है वह सोने के बाजार मूल्य से कंही अधिक है. देश में सोना शुरुआत से ही जमा करके रखा जाता रहा है.सोने को भविष्य की योजनाओं व आपातकालीन स्थिति में उपयोग करने के लिए उपयोग किया जाता है. परन्तु सोने को सुरक्षित रखना भी लोगो की लिए चुनौतीपूर्ण रहा है. क्युकी बहुत से इन्वेस्टर भविष्य के किये गोल्ड में पैसा इन्वेस्टमेन्ट करते है. इसलिए GOLD loan का उपयोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है. आपातकालीन स्थिति में gold हमेशा से उपयोग किया जाता रहा है. परन्तु उसको सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर में उपयोग रखते थे. पर ये सुविधा हर जगह पे मौजूद नहीं होती थी.

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    गोल्ड बांड की जरुरत need for gold bonds

    इन्ही सब परेशानियों को दूर करने के लिए निवेशकों के लिए भौतिक सोने के विकल्प लोगो को दिया 2015 में सरकार द्वारा नवंबर 2915 में (Sovereign gold bond )सोवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना की शुरुआत की गई. भारत में सोने का आयत निर्यात शुरुआत से ही होता रहा है. परन्तु आयात बहुत ज्यादा होता है.इसलिए सोने का मूल्य बढ़ जाता है. SGB इम्पोर्ट एक्सपोर्ट में पारदर्शिता को संतुलित करता है.

    SGB सरकारी सिक्योरिटी है इसलिए उन्हें पूर्ण सुरक्षित मना गया है.SGB का मूल्य का मानक ग्राम के रूप में होता है. इसमें सोने का कैरेट का मूल्य नहीं होता. क्युकी सोना बॉन्ड के रूप में होता है.इसलिए पिछले कुछ वर्षो में गोल्ड बॉन्ड निवेशकों में सोने में निवेश बढ़ गया है.

    SGB में निवेश की प्रक्रिया(Process to invest in SGB)

    यदि आपको SGB में निवेश करते है तो इसके लिए आपको अथॉराइज्ड एजेंट या ब्रोकर से संपर्क करना पड़ता है.इसमें निवेश के लिए न्यूनतम निवेश 1ग्राम है और अधिकतम 4kg तक सोने में निवेश कर सकते हैं. इसमें अधिकतम मात्रा इसलिए तय की गई क्यूंकि इस से एकाधिकार की जैसी व्यवस्था पैदा नहीं होती.परन्तु सरकार द्वारा किसी संस्था, ट्रस्ट, और यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाओ के लिए 20kg तक गोल्ड दिया जा सकता है.

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    गोल्ड बॉन्ड इन्वेस्टमेंट की अवधि (Duration of Gold Bond Investment in Hindi)

    सरकार ने गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालो के लिए कुछ निश्चित अवधिया तय की है. गोल्ड बॉन्ड की अवधि 8 साल होती है.परन्तु यदि कोई निवशेक चाहे तो 5साल के बाद बाहर निकलने का विकल्प चुन सकता है. यदि कोई निवेशक जल्दी redemption कराना चाहता है तो इसके लिए आपको बैंक को सूचित करना होता है. कुछ बैंक में 30 दिन पहले तक नोटिस देना पड़ता है.

    Gold Bond sell on Stock exchange(स्टॉक एक्सचेंज पर सोने की बिकवाली)

     वैसे तो अधिकतर निवेशक gold बॉन्ड में लम्बे समय के लिए निवेश करते है. निवेशकों के पास gold बॉन्ड को निश्चित अवधि के बाद बैंक को बेच देते है परन्तु इसके अलावा निवेशक के पास इसे Indian stock मार्केट में बेचने का भी विकल्प होता है. परन्तु इसमें भी सरकार द्वारा कुछ नियम बनाये गए है. यदि को इन्वेस्टर अपने बॉन्ड स्टॉक मार्केट में बेचता है तो उसे जो भी पूंजी मिलती है उस पूंजी के लाभ पे किसी भी सामान्य सोने की समान दर से tax देना पड़ता है.

    गोल्ड बॉन्ड निवेश प्रमाणपत्र(Gold bond investment certificate)

    Sovereign Gold bond में  जब आप इन्वेस् करने के लिए आवेदन करने पर आपको एक एप्लीकेशन नंबर मिल जाता है. इसके बाद RBI द्वार सभी इन्वेस्टरो को( gold bond certificate )गोल्ड बांड सर्टिफिकेट प्रदान करता है. जिसे निवेशक को संभाल के रखना होता है. और यह सर्टिफिकेट गोल्ड बांड में आवेदन करने के बाद 15-30 दिन लगते है.

    SGB ​​मूल्य और ब्याज दर(SGB price and interest rate)

    SGB का price समय समय पर बदलता रहता है. RBI द्वार साल में पहले एक बार गोल्ड बांड निकाला जाता था.परन्तु इसकी डिमांड और मार्केट में गोल्ड के रेट बढ़ने से अब लोग ज्यादा इसमें निवेश करने लगे है. इसलिए हर बार गोल्ड के प्रति ग्राम सोने का रेट अलग होता है.इस वर्ष  गोल्ड बांड की सीरीज 6 आयी है जिसका प्राइस 4,732 Rs तय कर दिया गया है. यह SGB सीरीज 30अगस्त से -3 सितम्बर में आयी थी. वैसे SGP मपे RBI द्वारा 2.5%/वर्ष  शुरुवाती ब्याज दर होती है इस भुगतान अर्धवार्षिक रूप में किया जाता है.

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     गोल्ड बांड पर टैक्स(Tax on gold bond)

    SGB पर ब्याज IT अधिनियम 1961 के प्रावधानो के अनुसार कर योग्य है.gold bond के redemption के मामले में निवेशक पर लागु होने वाले पूंजीगत लाभ को tax में छूट दी जाती है. इसके अलवा लॉन्ग टर्म के प्रॉफिट के लिए निवेहक. को Index session लाभ का ऑफर दिया जाता है इस सुविधा में gold bond को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया जाता है.

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    गोल्ड बॉन्ड का फायदा(Advantage of gold bond)

    • सुरक्षा (safety ):- sgb की सबसे बड़ी खासियत ही इसमें आपका धन या gold bond के रूप में सुरक्षित रहता है. इसके लिए कोई लाकर की जरुरत नहीं पडती.
    • Extra income :-इसमें जो भी पैसा हम इन्वेट करते है उसपे हमें 2.5%/year की रेट से ब्याज मिलता है. जो हमें किसी ज्वेलरी या कॉइन में भी मिलता.
    •  Loan सेंक्शन :- gold bond का उपयोग हम ऋण लेने के लिए भी करते है. बैंक इन्हे सिक्योरिटी के रूप में रख के ऋण देते है. और सोने की वैल्यू के हिसाब से ऋण देते है एक निश्चित अनुपात में इसलिए इसे gold loan भी कहा जाता है.

    भारत सरकार ने निवेशकों के लिए Gold exchange की शुरुआत करने जा रहु है. इस से अब gold में निवेश और बढ़ जायेगा 

    3 thoughts on “गोल्ड बांड क्या होते है इसमे कैसे निवेश करे|| What are gold bonds and how to invest in it in Hindi”
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