Mon. Oct 3rd, 2022

पिछले कुछ समय में प्रौद्योगिकी ने काफी तेजी से विस्तार किया है जिसके चलते हमारे सामने एक से बढ़कर एक नई तकनीके सामने आई हैं। प्रौद्योगिकी के विस्तार से फाइनेंस सेक्टर में भी एक से बढ़कर एक तकनीके देखने को मिली हैं, काफी सारी निजी फाइनेंस कंपनियों ने अपने Personal Loan Apps लॉन्च किए जिनके द्वारा वह तेजी से ग्राहकों को डिजिटली लोन प्रदान करते हैं। लेकिन इसी बीच काफी सारे फर्जी Instant Loan भी आ गए जो लोगो को काफी अधिक ब्याज दरों पर बिना किसी रेगुलेशंस के लोन दे रहे थे और यही कारण हैं कि RBI ने हाल ही में करीब 600 Instant Loan Apps को अवैध बताया हैं।

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    RBI ने किया 600 पर्सनल लोन एप्प्स को बैन

    हाल ही में RBI (Reserve Bank of India) ने आधिकारिक तौर पर एक बयान दिया हैं जिसके अनुसार वर्तमान में देश मे इंटरनेट पर 1100 से भी अधिक लोन एप्प्स काम कर रहे हैं, लेकिन उनमें से करीब 600 एप्प्स फर्जी हैं जो बिना किसी परमिशन और रूल्स और रेगुलेशंस के काम कर रहे हैं। Livemint की रिपोर्ट के अनुसार हजारो लोग अब तक इन फर्जी एप्प्स के चंगुल में फ़से हैं।

    बताया जा रहा हैं RBI इस समस्या का समाधान करने के लिए एक नोडल एजेंसी बनाएगी जो वेरीफाई करेगी कि कौनसे एप्प्स सही पैमाने पर काम कर रहे है और कौनसे एप्प्स अवैध है और उसके अनुसार फर्जी एप्प्स को बैन किया जाएगा और उनको चला रहे लोगो और संगठनों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

    Online Loan Apps

    RBI के द्वारा निकाली जाएगी Verified Apps की List

    Livemint के द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार RBI अब उन एप्प्स की एक List भी निकालेगा जी रूल्स और रेगुलेशंस को फॉलो करते हुए काम कर रहे हैं और लोगो को डिजिटली रूप से Loan प्रोवाइड करने का काम कर रहे हैं। यह वह Verified Apps होंगे जिन्हें फाइनेंस के क्षेत्र में सुविधाए उपलब्ध करवाने के लिए आधिकारिक तौर पर परमिशन मिली हुई हैं।

    इसके अलावा केंद्र सरकार के द्वारा भी इस क्षेत्र में नियम बनाया जा रहा हैं जो फर्जी तरह से कम कर रहे Loan Apps को बैन करेगा। कहा जा रहा हैं फर्जी तरह से कम कर रहे यह लोन एप्प्स लोगो से आवश्यकता से अधिक ब्याज ले रहे थे और पैसे ना चुकाने पर उन्हें धमका रहे थे।

    कोविड-19 की वजह से आई थी Loan Apps की संख्या में व्रद्धि

    कोविड-19 के आम की वजह से लाखों लोग बेरोजगार हुए थे और कईयो की सेविंग्स खत्म हो गयी जिसके चलते लोगों ने आवश्यकताओ की पूर्ति के लिए लोन लेना शुरू किया। ऐसे में कई फर्जी संगठनों ने इंस्टेंट लोन के नाम अपने एप्प्स लॉन्च किए और लिए हुए लोन पर लोगो से आवश्यकता से अधिक ब्याज दर मांगना शुरू कर दिया।

    सरल भाषा मे कहा जाए तो कोविड-19 के आने से फर्जी लोन एप्प्स की संख्या में व्रद्धि हुई हैं। काफी सारी ऐसी कम्पनिया भी थी जो इस समय सही तरीके से परमिशन के साथ पर्सनल लोन प्रोवाइड कर रही थी लेकिन फर्जी एप्प्स तुरन्त लोन अमाउंट अप्रूव करने का लालच देकर लोगो को अपने चंगुल में फंसा रहे थे।

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    लगातार आ रही थी फर्जी एप्प्स के खिलाफ शिकायते

    जब से फर्जी संगठनों और लोगों के द्वारा फर्जी इंस्टेंट लोन एप्लीकेशन लांच किए गए थे तभी से इन एप्लीकेशन के खिलाफ शिकायतें आना शुरू हो गई थी। कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और गुजरात और देश के कई राज्यो से लोगो ने और संघठनो ने इन फर्जी एप्प्स के खिलाफ शिकायते की थी।

    द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2020 से से लेकर मार्च 2021 तक इन फर्जी लोन एप्प्स के खिलाफ करीब 2,562 शिकायते आई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार देश में काम कर रहे 81 एप्स स्टोर पर करीब 1100 लोन एप्प्स मौजूद हैं जिनमे से अधिकतर बिना किसी परमिशन के काम कर रहे हैं और इन्हीं एप्स के खिलाफ अब आरबीआई और केंद्र सरकार के द्वारा कार्यवाही की जाएगी।

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