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Income Tax

वित्त मंत्रालय द्वारा इनकम tax रिटर्न की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. परन्तु आयकर नियमों मे और प्रपत्रों (assessment) मे बदलाव को जानना बहुत जरुरी है ताकि अंतिम समय मे आपको मे आप जल्दबाजी मे कोई गलती ना करें और सही से अपना रिटर्न फ़ाइल कर सके.

Table of Contents

    नए और पुराने आयकर व्यवस्था परिवर्तन  New and old income tax system changes

    आयकर की नयी व पुरानी सिस्टम मे करदाता को कई प्रकर की कटोतियों और छूट मिलने का भी दावा कर रहे है.निर्मला सीतारमण की नयी कर व्यवस्था ने 70 से अधिक कर कटौती और छूट को समाप्त कर दिया जो वर्तमान सरकार द्वारा 2020 -2021 वित्तीय वर्ष मे  तक लागू किये गए थे.

    सामान्यतः वेतनभोगी करदाताओं और प्रतिवर्ष नयी और पुरानी व्यवस्थाओ के बीच चयन करने की छूट होती है और वो चाहे तो रिटर्न्स दाखिल करते समय भी चयन मे बदलाव की छूट है. अपने फायदे के अनुसार करदाता कर व्यवस्था के बीच स्विच करने अनुमति सरकार द्वारा मिली हुई है.नई व्यवस्था विकल्प को चुनने वाले सभी करदाताओं को 10IE जमा कराना आवश्यक है.

    New Policy Income Tax

    लाभांश पर कर {Tax on dividend}

    सरकार की इस वैकल्पिक कर व्यवस्था का प्रभाव शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड निवेशकों पर भी पड़ा है उनके द्वारा प्राप्त किए गए सभी प्रकार के लाभांश (dividend ) पर भी कर व्यवस्था अथवा कर लगाया गया है.डिवीडेंड वितरण टैक्स को समाप्त कर दिया गया. अब डिवीडेंड शेयर धारक के हांथो मे कर योग्य है.  जहाँ एक फाइनेंसियल वर्ष का लाभ 5000 रूपये से अधिक हुआ तो अब कंपनी TDS काट लेगी। अर्थात यदि अब अगर डिविडेंड मिलता है तो वह व्यक्ति की आमदनी में जुड़ जाएगा. 

    और उसे एक स्लैब के हिसाब से आयकर चुकाना होगा.उसे डिवीडेंड आय पे 10%(7.5 % tax 1अप्रैल 2020 से )देना होगा. और यदि PAN कार्ड नहीं हेतो 20 %तक tax देना पड़ेगा.

     भारत में कई करदाताओं ने अपनी इनकम टैक्स में अनजाने में डिवीडेंट की घोषणा की. यदि आप का लाभांश ₹5000 से अधिक है तो असेट मैनेजमेंट कंपनी उस पर कर काट लेगी. करदाता को यह फॉर्म 26AS जरूर दिखाई देगा

    2021 में किन आईपीओ से पैसा कमा सकेंगे

     ईएसओपी रसीद कर योग्य नहीं {ESOP receipt not taxable in Hindi }

    ESOP (Employee stock overlap plan )को समझना पहले जरुरी है. कुछ कंपनियां अपने सीनियर स्टाफ एम्प्लोयी  को कंपनी के कुछ शेयर कम भाव खरीदने देती है. इस प्रक्रिया को आईएसओपी (ESOP )कहा जाता है. यह शेयर खरीदना कर्मचारी के ऊपर निर्भर करता है उसके लिए  कम्पनी उसे बाध्य नहीं कर सकती. इसपे सरकार द्वारा tax को अभी टाल दिया गया है. आपको विकल्प का उपयोग करने के वर्ष मे कर का भुगतान नहीं करना पड़ेगा.जिस तारीख को कोई कर्मचारी यह खरीदने का हक़दार  हो जाता है उस  डेट को वेस्टिंग डेट कहा जाता है.

    डीम्ड निवासी के टैक्स के नए नियम{New Income tax rules deemed resident }

    ये नियम भी फाइनेंसियल वर्ष 2020-2021मे ठीक किया गया था और 2021-22 यह प्रभावी रूप से लागू हो गया है. अभी यदि किसी भी एक वित्तीय वर्ष के दौरान कुल आय ₹1500000 (विदेशी स्त्रोत के अलावा )से अधिक होती है. कुछ वर्षों से भारत का निवासी माना जाएगा  वह किसी अन्य देश का करदाता नहीं है. और यदि वह दूसरे देश में टैक्स नहीं दे रहे हैं तो उन्हें ऑर्डिनरी की टैक्स देना होगा.

    नकद दान पर टैक्स कटौती { Tax Deduction on cash donation In Hindi} 

     हालांकि आमतौर पर दान  फॉर्म  16 का हिस्सा नहीं होते हैं लिए आपको अपनी आयकर रिटर्न में नहीं कटौती का दावा करना होगा. पहले नकद दान ₹10000 तक  करमुक्त होते थे. अब नकद दान की सीमा को 2 हजार रुपए तक सीमित कर दी गई है अपने किए गए ₹2000 से अधिक के किसी भी प्र.कार के दान को कटौती के रूप में छूट  या नहीं दी जाएगी। 


    4 thoughts on “इनकम टैक्स रिटर्न्स करने से पहले जान लें ये बदलाव | Know These Changes before filing income tax in Hindi”
    1. It is perfect time to make a few plans for the longer term and it’s time to be happy. I have read this put up and if I may just I desire to suggest you some interesting things or tips. Perhaps you can write next articles referring to this article. I wish to learn even more issues approximately it!

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