Sat. Oct 1st, 2022

आज के समय मे इनकम टैक्स रिटर्न्स भरना सबसे सभी के लिए जरुरी है. कुछ लोग इसकी महत्व को नहीं समझते की भविष्य मे यह कितना काम आता  है. चाहे आपकी सैलरी cash के रूप मे हो या आपको सैलरी वीकली या मंथली मिलती हो. लेकिन सभी को इन सब इनकम को सरकार को दिखना चाहिए .और इनकम टैक्स रिटर्न्स भरना चाहिए. परन्तु अधिकतर लोगो के लिए टैक्स भरना बहुत मुश्किल व चुनौतीपूर्ण काम रहा है. भले ही आप पुराने या नये आयकरदाता हो. हम अक्सर इनकम टैक्स मे बहुत से चीज़ो दिखना भूल जाते है. हमारे किसी अन्य इनकम के स्त्रोत को दिखाना भी अनिवार्य होता है. आखिरी समय मे आयकर रिटर्न करने मे बहुत सी जानकारी देना छूट जाता है. और ऑनलाइन पोर्टल पर उन्हें है ठीक करना आसान नहीं .

हर साल इनकम टैक्स नियमों बदलाव होते रहते है.उन बदलावो की जानकारी होना आवश्यक है. सामन्य होने वाले गलती मे गलत आकलन वर्ष चुनना, बैंक अकाउंट का विवरण दर्ज करना. अपने सभी बैंक खातों का का विवरण देना. इस प्रकार की गलतियां बहुत बड़ी होती है. और इनकम टैक्स के नोटिस देने के लिए काफी होती है. इन सभीगलतियों के लिए आपको  अलर्ट रहना पड़ेगा.

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    भारत में गलत आवासीय स्थिति घोषित (Declared wrong residential status in india)

     अपने देश  मे निवास करने की स्थिति व समय को बहुत ध्यानपूर्वक इनकम टैक्स मे दिखना जरुरी है. आप अपने पिछले फाइनेंसियल ईयर मे आपके भारत मे बिताये गए दिनों को दिखाना जरुरी होता है. उस अवधि मे कमाए गए धन का विवरण भी देना आवश्यक है. हालांकि NRI इनकम भारत मे टैक्स फ्री होती है. परन्तु यदि  भारतीय मूल के किसी व्यक्ति द्वारा एक फाइनेंसिअल ईयर मे 182 दिन या उस से अधिक  समय बीतता है तो भारत देश के  निवासी श्रेणी मे गिना जायेगा. और उसकी इनकम पर  भारतीय आयकर के नियम के हिसाब से टैक्स लगेगा.

     अधिकतर बार देखा गया  है की आयकर दाता अपनी निवास की स्थिति को को सही रूप से स्पष्ट नहीं दर्शाते है. और रिपोर्ट करने मे गलती कर देते है. इसे गंभीर टैक्स और रिपोर्टिंग डिफाल्ट हो सकता है. क्युकी 182 दिन से ज्यादा निवास करने पर उसे देश से बाहर की सभी  प्रकार की आय पे टैक्स देना अनिवार्य है. इसके अलावा उन्हें अपनी सभी  की बाहरी अथवा विदेशी सम्पत्ति और विदेशी खातों को फॉर्म-2 ITR मे रिपोर्ट करना आवश्यक है.यदि वह इन सब इनकम को इनकम टैक्स मे नहीं दिखाता है तो उसे विदेशी खातों व इनकम को छुपाने के लिए गंभीर रूप से आयकर विभाग द्वारा दंडित किया जाता है.

    स्टॉक मार्किट मे निवेश  की जानकारी छुपाना (Hiding information about investing in the stock market in ITR)

    कई आयकर दाता स्टॉक मार्किट मे इन्वेस्ट करते है. कई govt और लिमिटेड कम्पनी के share अपने पास रखते है. उन्हें कई बार खरीदते है कई बार बेचते है. इस प्रकार लेनदेन का एक फाइनेंसिअल ईयर मे  इनका पूरा एक अकॉउंट का विवरण trading फर्म द्वारा दिया जाता है. वो सभी लेनदेनन का विवरण आपको अपने आयकर मे दिखाना आवश्यक होते है. आपने कितना प्रॉफिट कमाया या कितना हानि उठाना पड़ा. क्युकी होने वाला प्रॉफिट भी आपकी आमदनी का हिस्सा होता है. परन्तु कई बार  हम अपने इन खातों और लेनदेन का विवरण होने इनकम टैक्स मे दिखाना भूल जाते है. यदि आप इन्हे भूल जाते है तो आयकर विभाग द्वारा आप पे नोटिस जारी किया जा सकता है या दण्डनात्मक कार्यवाही की जा सकती है.

    ITR filling Mistake

    कंपनी या ESOP शेयर को ITR में दिखाना ( Company or ESOP share to show in ITR)

     देश मे बहुत से स्टार्टअप कम्पनियाँ काम कर रही है. बहुत से बिज़नेस प्लान की कपनीया मार्किट मे काम कर रही है. इन कम्पनीयों मे काम  करने वाले कर्मचारियों को इन सब  बातो का  विशेष रूप से ध्याना रखना चाहिए. क्युकी कम्पनीयों द्वारा अपने एम्प्लोयी को सैलरी के रूप मे कई बार share अतः ESOP (Employee stock ownerahip plan) दिया जाता है. हो सकता है की वो share india के स्टॉक मार्किट मे भले ही लिस्टेड ना हो परन्तु उसके देश मे रहने अथवा निवास करने की स्थिति ( 182 दिन से ज्यादा )होने पर उसे उन्हें अपने ITR मे दर्शाना होगा. क्युकी यह उसकी विदेशी संपत्ति मे गिना जायेगा.

    सेविंग अकाउंट का ब्याज (saving account interest mention in ITR) 

    बहुत से लोग अपने इमरजेंसी और भविष्य की योजनाओ के लिए अपना पैसे बैंक सेविंग आकउंट मे रखते है. उसे कंही भी इन्वेस्ट नहीं करते. बैंक द्वारा आपको हर तीसरे महीने उस राशि पे आपको ब्याज दिया जाता है. कई बार राशि ज्यादा होने पर यह ब्याज भी बहुत ज्यादा होता है. परन्तु आपको आपके फॉर्म -16 मे यह amount दिखाई नहीं देता. इसलिए ITR भरते समय हम यह ब्याज की इनकम को भूल जाते है. और अपने itr मे नहीं दिखाते है तो आयकर विभाग आपको नोटिस जारी कर सकता है.

    घोषित FD और रेंट इनकम (Declared FD and Rent income)

    बैंक मे या पोस्टऑफिस मे. की जाने वाली FD पे  मिलने वाले ब्याज को भी  आपको इनकम टैक्स मे दिखाना अनिवार्य होता है. क्युकी उस ब्याज को आपकी इनकम मे गिना जाता है. इसके अलवा rent के द्वारा होने वाली इनकम कोभी दिखाना आवश्यक है. एवं एक साथ किराये का भगतान करने पर HRA मे छूट  और 80 GG मे कटौती का दावा करने से भी आपको नुकसान हो सकता है. अथवा आपको नोटिस जारी लिया जा सकता है.

    नौकरी बदलने पर पुराने वेतन का विवरण (Old salary details on change of job)

     पिछले साल covid के कारण बहुत से लोगो की नौकरी चली गयी. जिसके कारण उन्ही काफी समय बाद नयी कम्पनी या नौकरी ज्वाइन करनी पड़ी. इस को ध्यान. मे रखते हुए आपको अपने ITR मे पुरानी कम्पनी के फॉर्म 16 और नयी कम्पनी के फॉर्म 16 दोनों का विवरण होने ITR मे दिखाना जरुरी है. कई बार हम अपनी पुरानी कंपनी के फॉर्म 16 के विवरण को दिखाना भूल जाते है. जो एक गलत ITR को दर्शाता है. और इनकम टैक्स विभाग द्वारा आपको नोटिस जारी. किया जा सकता है.

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    स्टॉक लाभाश को दिखाना (showing stock dividend)

    स्टॉक मार्किट मे कई कम्पनीयों के share मे निवेश करने पर हमें लाभ मिलता है. जिसका. ब्यौरा हम अपने ITR मे देते है.. कभी कभी कंपनी द्वारा अपने शेयर धारको को लाभाश (dividend ) दिया जाता  है. जो किता देना है वह स्वयं कम्पनी तय करती है. उस डिवीडेंट को अपने अपने इते मे दर्शन आवश्यक होता है. क्युकी वह भी आपकी इनकम का हिस्सा होता है. अन्यथा आपको नोटिस दिया जा सकता है.

    इस प्रकार हमें ITR file. करते समय बहुत सी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है.

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